Competition Community

अभ्यर्थी संकलन (26-27 June 2019)

admin Abhiyarthi Sankalan

Based on Chhattisgarh/National/International Current Affair

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक

‘जल ही जीवन है’ योजना

हाल ही में ‘जल ही जीवन है’ योजना हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई। इसका प्रमुख उद्देश्य भूमि के गिरते जल स्तर को रोकना है।

इस योजना का उद्देश्य किसानों को फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करते हुए पानी की अधिक खपत वाली फसलों (जैसे धान) के बजाय कम खपत वाली फसलों (जैसे- मक्का, अरहर आदि) को अपनाने के लिये प्रोत्साहित करना है।

जल ही जीवन है’ योजना

नीति आयोग का स्वास्थ्य सूचकांक

हाल ही में नीति आयोग (NITI Aayog) ने राज्य स्वास्थ्य सूचकांक (State Health Index) का दूसरा संस्करण जारी किया है। इसमें केरल सर्वाधिक स्वस्थ राज्य के रूप में शीर्ष स्थान पर काबिज़ है जबकि उत्तर प्रदेश इस सूचकांक में सबसे निचले पायदान पर है।

यह चिंता की बात है कि मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा है।

हालाँकि राजस्थान जैसे कुछ राज्यों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार देखने को मिला है।

इस सूचकांक के अंतर्गत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के समग्र प्रदर्शन एवं वृद्धिशील सुधार का विश्लेषण किया गया।

‘स्कूल शिक्षा- समग्र शिक्षा’

हाल ही में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (Department of School Education and Literacy) ने सभी स्तरों पर समावेशी, न्यायसंगत एवं गुणवत्तापरक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिये ‘स्कूल शिक्षा- समग्र शिक्षा’ (School Education- Samagra Shiksha) नामक एक एकीकृत योजना लागू की है।

उल्लेखनीय है कि इस एकीकृत योजना में सर्व शिक्षा अभियान (Sarva Shiksha Abhiyan- SSA), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyan- RMSA) और शिक्षक शिक्षा (Teacher Education- TE) तीनों को शामिल किया गया है।

राष्ट्रीय रणनीतिक योजना

भारत सरकार ने वर्ष 2025 तक देश से तपेदिक (Tuberculosis-TB) के उन्मूलन के लिये राष्ट्रीय रणनीतिक योजना तैयार की है। मार्च 2018 में प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान लॉन्च किया था। इसके तहत TB उन्मूलन के लिये राष्ट्रीय रणनीतिक योजना की गतिविधियों को मिशन मोड में आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया था।

राष्ट्रीय रणनीतिक योजना के लिये अगले तीन साल के लिये 12 हज़ार करोड़ रुपए आवंटित किये गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक मरीज़ को गुणवत्ता संपन्न रोग निदान, उपचार और अन्य सभी प्रकार की सहायता मिल सके।

You May Also Like..

आरबीआई ने रेपो रेट को अपरिवर्तित 5.15% रखा

अभ्यर्थी संकलन (06 December 2019)

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 451.7 अरब डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा 3 दिसम्बर को समाप्त हुए […]

अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस

अभ्यर्थी संकलन (04 December 2019)

छत्तीसगढ़ समसामयिक छत्तीसगढ़ के गरीबी दर में 2.1 फीसदी की बढ़ोतरी एनएसओ (NSO) के सर्वे अध्ययन के अनुसार साल 2011-12 […]

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध विधेयक-2019 पारित

अभ्यर्थी संकलन (03 December 2019)

राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध विधेयक-2019 पारित संसद ने 02 दिसंबर 2019 को इलेक्‍ट्रानिक सिगरेट निषेध विधेयक- 2019 पारित कर […]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *