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CGPSC Mains Study material: Set-5

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छ.ग. का सामाजिक परिदृश्य/प्रश्न पत्र-6, (भाग-3)

प्रश्र: घोटुल पाटा क्या है? (शब्द सीमा 30)

उत्तर:

घोटुल पाटा मुरिया जनजाति द्वारा मृत्यु के अवसर पर गाया जाने वाला गीत है। इस गीत के माध्यम से परिवार के बुजुर्ग द्वारा राजा जोलोंग साय की कथा का गायन किया जाता हैं तथा सवाल-जवाब की शैली में प्रकृति के रहस्यों से अवगत कराया जाता है।

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संविधान एवं लोक प्रशासन/प्रश्न पत्र-3, (भाग-2)

प्रश्न: “विकास प्रशासन और प्रशासनिक विकास में चूजे और अंडे जैसा संबंध होता है”। – (रिग्स) (शब्द सीमा 100)

उत्तर:

प्रशासनिक विकास यानी विकास का प्रशासन तथा विकास प्रशासन यानी प्रशासन का विकास यानी, यह परस्पर आश्रित अवधारणाएँ हैं। विकास का प्रशासन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना प्रशासन का विकास। इसमें एक अवधारणा पर दूसरे की श्रेष्ठता स्थापित नहीं की जा सकती।

विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संसाधनों का पर्याप्त आकलन एवं योजना, उसका मूल्यांकन एवं कार्यान्वयन, लोगों की पर्याप्त भागीदारी, मजबूत प्रशासनिक मशीनरी पर जोर, विकसित नौकरशाही, प्रशासन में समग्रता, नवाचार, और विकेंद्रीकृत निर्णय लेने आदि आवश्यक है।

दोनों अवधारणाएँ एक दूसरे के सहायक हैं तथा प्रशासन के विकास के लिए विकास का प्रशासन आवश्यक है। इस प्रकार एफ, रिग्स के अनुसार ‘विकास प्रशासन’ और ‘प्रशासनिक विकास’ का चूजे और अंडे जैसा संबंध है।

छ.ग. का इतिहास/प्रश्न पत्र-3, (भाग-3)

प्रश्न: सिरपुर के महत्त्व को रेखांकित करते हुए पाण्डु वंश के अवसान को समझाइये। (शब्द सीमा 175)

उत्तर:

पाण्डुवंशीय शासक महाशिवगुप्त बालार्जुन के समय सिरपुर शैव, वैष्ण्व, जैन, बौद्ध आदि सभी धर्मों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ था। उस समय सिरपुर तथा राज्य के अनेक अन्य स्थानों में अनेक मंदिरों का निर्माण किया गया था। महाशिवगुप्त के समय में उसकी राजधानी सिरपुर की महिमा दूर-दूर तक फैल चुकी थी और वहां बौद्ध तथा अन्य धर्मावलंबियों का तांता लगा रहता था। सिरपुर उत्खनन से अनेक बौद्ध विहार, विशाल प्रतिमाएं और शिलालेख प्राप्त हुए हैं जो कि, तत्कालीन धार्मिक एवं सामाजिक कृतियों पर प्रकाश डालते हैं। चीनी यात्री व्हेगसांग के अनुसार सिरपुर में 100 सांगाराम (विहार) थे ,जहां 10,000 बौद्ध भिक्षु निवास करते थें। महाशिवगुप्त का शासन काल 60 वर्षों का था और इस काल को पांडु वंश का स्वर्ण युग कहा जाता है। महाशिवगुप्त के शासनकाल में देश समान रूप से दो शक्तिशाली राज्यों में विभाजित था, जहाँ उत्तर में गुप्त वंशी शासक हर्ष और दक्षिण में चालुक्य वंशी शासक पुलकेशिन द्वितीय का राज्य था। 634 ई. में दोनो राज्यों की सेनाओं का नर्मदा नदी के तट पर युद्ध हुआ।

पुलकेशियन द्वितीय के ऐहोल प्रशस्ति के अनुसार इस युद्ध के पूर्व ही उसने महाशिवगुप्त को पराजित कर दिया था। इस प्रकार महाशिवगुप्त ने पुलकेशिन द्वितीय की अधीनता स्वीकार कर ली थी। छत्तीसगढ़ के स्थानीय वंश नल, बाण और कल्चुरियों द्वारा छत्तीसगढ़ क्षेत्र में राज्य स्थापित करने के कारण सिरपुर के पांडुवंश के शासकों को पूर्व की ओर जाना पड़ा तथा उन्होंने उड़ीसा के सोनपुर क्षेत्र में सोमवंश के नाम से अपना राज्य स्थापित किया।

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भाषा (हिन्दी)/प्रश्न पत्र-1, (भाग-1)

“हिन्दी से भाषा का स्वरूप”
  1. बोली (मातृभाषा/प्रांतीय) -> उपबोली -> उपभाषा (विभाषा) -> परिनिष्ठित
  2. भाषा (खड़ी बोली) -> राज भाषा -> संपर्क
  3. भाषा लक्ष्य भाषा -> स्त्रोत भाषा -> मानक भाषा -> राष्ट्रभाषा

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