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CGPSC Mains Study material: Set-10

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भारतीय अर्थव्यवस्था/प्रश्न पत्र-5, (भाग-1)

प्रश्न: कर किसे कहते है? प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कर में अंतर- (शब्द सीमा 175)

उत्तर

कर एक अनिवार्य भुगतान है, जो देश के नागरिकों द्वारा किया जाता है। जिसके बदले नागरिक किसी प्रतिफल की उम्मीद नहीं करते है। कर अनैच्छिक भुगतान है, जो देश के प्रति दायित्वबोध से जुड़ा है।

या

बिना किसी विशेष लाभ की अपेक्षा रखते हुये समान कल्याण के लिये किसी व्यक्ति/निगम द्वारा सरकार को किया गया अनिवार्य योगदान कर है। आर्थिक असमानताओं को दूर करती है, व मजबूत लोकतंत्र का निर्माण करती है।

प्रत्यक्ष कर –
  1. वह कर जिसे व्यक्ति व संस्था पर लगाया जाता है व अदा करता है। अतः कराधान व करापात एक ही बिंदु पर केन्द्रीत है।
  2. भार को स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है।
  3. करारोपण प्रणाली आसान है।
  4. पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
  5. जैसे – आयकर, निगमकर, संपत्ति कर, प्रतिभूति कर, पूंजी लाभ कर, ब्याज कर, उपहार कर।
आत्यक्ष कर –
  1. जिस संस्था/व्यक्ति पर लगाया जाता है, उसे छोड़ कोई और कर अदा करें। अत कराधान व करापात दो अलग बिंदुओं पर केंद्रित हो।
  2. भार को स्थानांतरित कर सकते है।
  3. करारोपण प्रणाली कठिन है।
  4. पूर्वानुमान लगाना जटिल है।
  5. उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, ब्रिकी कर, GST.
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दर्शनशास्त्र/प्रश्न पत्र-6, (भाग-1)

प्रश्न: गोत्र से आप क्या समझते हैं? (शब्द सीमा 30)

उत्तर:

गोत्र उन लोगों के समूह को कहते हैं जिनका वंश एक मूल पुरुष पूर्वज से अटूट क्रम में जुड़ा होता है, क्योंकि यह एक ही पूर्वज के संतान होते हैं इसलिए यह सभी एक दूसरे के भाई-बहन होते हैं अतः इनके मध्य विवाह नहीं होता। इसप्रकार गोत्र एक बहिर्विवाही समूह होता है। जनजातियों में गोत्र को टोटम कहा जाता है, जिसका नाम नदी,पहाड़, पेड़-पौधो तथा दिन के आधार पर रखा जाता है।

समाजशास्त्र/प्रश्न पत्र-6, (भाग-2)

प्रश्न: जनजातीय सामाजिक संगठन का क्या तात्पर्य है? (शब्द सीमा 60)

उत्तर:

सामाजिक संगठन का तात्पर्य है सामाजिक संबंधों को व्यवस्थित रखना। जनजातियों में कई छोटे-छोटे सामाजिक समूह पाए जाते हैं जो मनुष्यों के आपसी संबंधों के फल स्वरुप बनते हैं यह समूह अलग-अलग होते हुए भी संगठित रहते हैं, ऐसे संगठित सामाजिक स्वरूप को सामाजिक संगठन कहते हैं। जनजाति समाज का संगठन प्रजातांत्रिक, समानता एवं परस्पर सहअस्तित्व घर आधारित होता है। इनमें सामुदायिकता की भावना होती है। इनकी समुदाय का विशेष नाम, विशेष संस्कृति, विशेष बोलिया, भाषा भौगोलिक अलगांव, सुरक्षात्मक संगठन क्षमता एवं स्वतंत्र राजनैतिक संगठन होता है। इनमें नातेदारी विवाह परिवार वंश समूह गोत्र आदि का विशेष महत्व होता है। इनमें एक ही गोत्र में विवाह वर्जित होता है।

भाषा (हिन्दी)/प्रश्न पत्र-, (भाग-1)

“शब्द विचार”
1. रचना/बनावट के आधार पर 2. इतिहास उद्भव 3. अर्थ के आधार पर
1. रूद्र 1. तत्सम 1. सार्थक
2. यौगिक 2. तद्भव 2. निरर्थक
3. योगरूढ़ 3. देशज  
  4. विदेशज  
  5. संकर  
CGPSC Mains Mobile Course 2020
प्रयोग/रूपांतर के आधार पर –

विकारी शब्द – प्रयोग करते समय वचन लिंग काल के अनुरूप “विकार उत्पन्न होने वाले शब्द”

  1. संज्ञा- व्यक्ति वाचक/जातिवाचक/भाववाचक समूह वाचक/पदार्थवाचक
  2. सर्वनाम- व्यक्ति वाचक/निजवाचक/निहित अनिश्चित/संबंध सूचक/प्रश्न वाचक
  3. क्रिया –
    1. कर्म के आधार पर – सकर्मक (द्विकर्मक), अकर्मक क्रिया
    2. रचना या बनावट के आधार पर
      • सामान्य किया,
      • यौनिक क्रिया,
      • नाम धातु क्रिया
      • प्रेर्णार्थक क्रिया,
      • पर्वकालिक,
      • अनुकरणात्मक क्रिया
  4. विशेषण- 1) गुणवाचक 2) संख्यावाची 3) परिणामवाचक 4) सर्वनामिक

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